सभी जीएसटी करदाताओं को वार्षिक रिटर्न जीएसटी-9 भरना अनिवार्य रहता है. वहीं कंपोकिशन स्कीम वाले कारोबारियों को वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर-4 के रूप में रिटर्न दाखिल करना पड़ता है. जानकारी के लिए बता दे कि GSTR-4 केवल कंपोजीशन डीलरों द्वारा दायर किया जाता है.
GST-4 त्रैमासिक पर दायर किया जाता है, लेकिन इसे फाइल करने की एक प्रक्रिया होती है, जिसे डालरों द्वारा फॉलो करना अनिवार्य होता है. इस आर्टिकल में जीएसटी 4 क्या और कैसे फाइल किया जाता है के विषय में पूरी जानकारी उपलब्ध किया गया है, जिसे फॉलो कर आप भी अपना जीएसटी 4 फाइल या भर सकते है.
जीएसटीआर-4 क्या है?
जीएसटीआर-4 एक वार्षिक रिटर्न फॉर्म होता है. जिसे सभी करदाताओं को सालाना तौर पर भरना आवश्यक रहता है. जीएसटीआर-4 को जीएसटी के तहत कंपोजिशन स्कीम अपनाने वाले सभी प्रकार के कारोबारियों को भरना आवश्यक रहता है.
इस प्रक्रिया में कंपोजिशन कारोबारियों को अपने वार्षिक लेन देन से संबंधित सभी हिसाब किताब को देना पड़ता है साथ ही इसमें सभी टैक्स पेमेंट का भी हिसाब देना आवश्यक रहता है. इस फॉर्म को भरकर जमा करने से पहले अपने पूरी जीएसटी से संबंधित टैक्स का देनदारी को जमा करना पड़ता है.
भारत में सामान्यतः सभी राज्यों में 1.50 करोड़ से कम के टर्नओवर वाले सभी व्यवसाय का कंपोजिशन स्कीम को स्वीकार करने की छूट मिलती है । वहीं कुछ विशेष राज्यों में 75 लाख से कम के टर्नओवर वाले सभी कारोबारियों को कंपोजिशन स्कीम को लिया जा सकता है.
कंपोजिशन स्कीम को लेने वालों को हरेक वित्तीय वर्ष के बाद से वार्षिक रिटर्न के रूप में जीएसटीआर-4 को भरकर जमा करना अनिवार्य होता है. अगर कारोबारी के द्वारा वित्तीय वर्ष के दौरान किसी प्रकार का कोई व्यवसाय नही हुआ है तो भी nil जीएसटीआर-4 रिटर्न भरकर जमा करना पड़ता है।
जीएसटीआर-4 भरने की अंतिम तिथि क्या है?
प्रत्येक वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक पूरा होने के बाद से पड़ने वाली 30 अप्रैल तक जीएसटीआर-4 भरकर जमा करना अनिवार्य रहता है. जैसे की वित्त वर्ष 2022 से 2023 के सभी कारोबारी के लिए जीएसटीआर-4 को 30 अप्रैल 2023 तक भरकर जमा करना पड़ेगा.
| वित्त वर्ष 2022-23 के लिए | 30 अप्रैल 2023 तक |
| वित्त वर्ष 2023-24 के लिए | 30 अप्रैल 2024 तक |
| वित्त वर्ष 2024-25 के लिए | 30 अप्रैल 2025 तक |
Note: इसी प्रकार अन्य वर्षों का भी जीएसटीआर 4 फाइल किया जाता है.
जीएसटीआर-4 रिटर्न फॉर्म को देरी से भरने पर क्या पेनल्टी लगती है?
अगर कोई कारोबारी 30 अप्रैल तक अपना जीएसटीआर-4 को रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं तो उसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर उन्हें 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी के रूप में भुगतान करना पड़ता है. वहीं इसके लिए कुल पेनाल्टी 2000 हजार रुपए से अधिक नहीं हो सकता है.
अगर किसी कारोबारी के द्वारा उस वर्ष में किसी प्रकार का कोई भी व्यवसाय नहीं किया गया है तो इसके लिए nil जीएसटीआर-4 रिटर्न फॉर्म को दाखिल करना पड़ता है. वहीं देरी से Nil जीएसटीआर-4 भरने की लेट फीस 20 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी भरना पड़ता है. वहीं nil जीएसटीआर-4 की अधिकतम देरी के लिए पेनल्टी फीस 500 रुपए से अधिक की नहीं हो सकती है.
जीएसटीआर-4 कैसे भरें?
GST रिटर्न फॉर्म के तहत जीएसटीआर-4 को ऑनलाइन फाइल करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
Step : 1 ऑनलाइन प्रक्रिया के द्वारा जीएसटीआर- 4 को भरने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर या मोबाइल में जीएसटी पोर्टल को ओपन करना है. अर्थात, दिए गए लिंक https://www.gst.gov.in/ पर क्लिक कर वेबसाइट पर जाए.
जीएसटी पोर्टल के होम पेज के ऊपर दाहिने कोने पर Login के लिंक पर क्लिक करे.

Step: 2 इसके बाद अपना Username और Password को डालकर नीचे मौजूद Login के बटन पर क्लिक करे.
Step: 3 इसके बाद जो नया पेज खुलता है, उसमें ऊपर की मिली पट्टी में Services के बटन पर क्लिक करना है.
नीली पट्टी के ठीक नीचे कुछ विकल्प दिखाई देगा, इसमें से Returns के विकल्प पर क्लिक करे.
इसके बाद बाद और विकल्प दिखने को मिलेगा, इसमें से सबसे पहले नीचे दाहिने कोने में Annual Return का लिंक दिखाई देगा उस विकल्प पर क्लिक करे.
Step: 4 इसके बाद स्क्रीन पर File Annual Returns का पेज खुलता है. इसमें अपने बिजनेस से संबंधित फाइनेंशियल वर्ष को सिलेक्ट करे. जिस वित्तीय वर्ष का वार्षिक रिटर्न भरकर जमा करना है उस वित्तीय वर्ष को सिलेक्ट करे. इसके बाद सर्च के विकल्प पर क्लिक कर दे.
Step: 5 अब आपके सामने File Returns का पेज खुलकर दिखाई देगा. साथ ही स्क्रीन पर आपको जमा करने की अंतिम तिथि भी दिखाई देगा.
अब नीचे जीएसटीआर-4 की टाइल में जाकर प्रिपेयर ऑनलाइन के लिंक पर क्लिक करे.
Step: 6 इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद में अब आपसे पूछा जाता है की क्या आपको नील सालाना रिटर्न भरना है?
अगर Yes के विकल्प को चुनते हैं तब आपकी नील सलाना जीएसटीआर रिटर्न भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है.
अगर आप No के विकल्प को चुनते हैं तब सामान्य सालाना जीएसटीआर रिटर्न भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाती है.
Note: यदि जीएसटीआर 4 फाइल करने में कोई परेशानी हो रही हो, तो वेबसाइट पर दिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी परेशानी का समाधान प्राप्त कर सकते है.
शरांश:
GSTR 4 फाइल करने के लिए पहले अधिकारिक वेबसाइट https://www.gst.gov.in/ को ओपन करे और लॉग इन पर क्लिक कर यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज कर लॉग इन करे. इसके बाद सर्विसेज के सेक्शन में जाए और रिटर्न पर क्लिक करे. फिर अनुअल रिटर्न पर क्लिक कर PREPARE ONLINE को सेलेक्ट करे. इसके बाद सभी जानकारी डाले और फाइल को सबमिट कर दे.
इसे भी पढ़े,
जीएसटीआर 4 से सम्बंधित प्रश्न: FAQs
जीएसटीआर-4 एक जीएसटी से संबंधित रिटर्न है जिसे जीएसटी के तहत कंपोजिशन कारोबारियों के द्वारा दाखिल किया जाता है. एक सामान्य करदाताओं को 3 मासिक रिटर्न दाखिल करना होता है. वहीं एक कंपोजिशन कारोबारी को हर तिमाही में केवल जीएसटीआर-4 को दाखिल करना होता है. याद रहे की जीएसटीआर-4 को कभी भी संशोधित नही किया जा सकता है.
यदि अगर आप वित्तीय वर्ष के किसी भाग के दौरान कभी भी रचना करदाता थे, या फिर आपका जीएसटी पंजीकरण वित्तीय वर्ष के दौरान कभी भी रद्द हो गया था. आपने इस वित्तीय वर्ष के दौरान अपने इच्छा के अनुसार से कंपोजिशन स्कीम से बाहर होने के लिए विकल्प का चयन किया था ऐसे में आपको जीएसटीआर-4 को भरना आवश्यक है.
जिस कंपोजीशन डीलर का टर्नओवर 1.5 crores है उनके द्वारा जीएसटीआर 4 दाखिल किया जाता है. एक सामान्य करदाता के विपरीत, जिसे 3 मासिक रिटर्न प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है. डीलर को वित्तीय वर्ष के बाद 30 अप्रैल तक वर्ष में एक बार केवल 1 रिटर्न जीएसटीआर 4 प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है.
जीएसटीआर-4 एक वार्षिक रिटर्न फॉर्म है, जिसे जीएसटी के तहत, कंपोजिशन स्कीम अपनाने वाले कारोबारियों द्वारा भरा जाता है. इसमें कंपोजिशन कारोबारियों को अपने साल भर के लेन-देन का हिसाब देना होता है. इसके साथ टैक्स पेमेंट का भी हिसाब देना पड़ता है. इस पोस्ट में जीएसटीआर-4 भरने के भी तरीके बताए गए है, जिसके माध्यम से आप ऑनलाइन वर्षित रिटर्न भर सकते है.

This is Siya Prajapati, a taxation expert and author. She knows all about taxes. Her articles are easy to understand, breaking down complex tax topics for everyone. Besides taxes, she loves hiking, reading, and learning about different cultures.
Get ready to gain valuable insights into taxation and financial matters with her.
