भारत में GST (Goods and Services Tax) लागू होने से पहले, वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग कर दरें लागू होती थीं. GST के तहत, एक सामान्य रूप से अटकाए गए विक्रय कर दर का उपयोग होता है जो वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होता है.
जीएसटी के लागू होने से पहले भी भारत में कुछ करो पर छूट प्राप्त थे और जीएसटी लागू होने पर भी कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर छूट प्राप्त है. हालांकि, कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट मिलती है. इसके अलावा, कुछ वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति पर शून्य टैक्स लगता है. इस पोस्ट में GST छूट क्या है और इसकी महत्व जीएसटी छुट में क्या है को विस्तार से दिया गया है.
GST छूट के उद्देश्य क्या है?
सरलीकरण, सामाजिक न्याय, और व्यवसायिक सहायता. जीएसटी छूट प्राप्त सेवाएं और वस्तुएं निशुल्क या न्यूनतम टैक्स दर पर होती हैं, जिससे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है, सामाजिक न्याय सुनिश्चित होता है, और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलता है. इससे सरकार व्यापार को सरल बनाने और अर्थव्यवस्था को सुधारने का प्रयास करती है.
बच्चों के शिक्षा, बाल श्रम, धार्मिक सेवाएं, और स्वदेशी उत्पाद जैसे क्षेत्रों में जीएसटी छूट प्रदान करने से सामाजिक न्याय को संरक्षित किया जाता है.
क्षुद्र उद्योग, कला, संस्कृति, खाद्य पदार्थ, विद्या, स्वदेशी उत्पाद, और जनसंख्या सेवाएं जैसे क्षेत्रों में छूट प्राप्त करने से उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है और उनके व्यवसाय को समर्थन किया जाता है.
GST छूट क्या है: छुट प्राप्त वस्तुयें:
Goods and Services Tax (GST) भारत का एक महत्वपूर्ण टैक्स सिस्टम है जो 1 जुलाई 2017 से प्रारंभ हुआ था. यह एक सरल एवं समृद्धिशील टैक्स सिस्टम है जिसमें विभिन्न स्तरों पर टैक्स के अनेक प्रकार को एक मात्र टैक्स के रूप में एकीकृत किया गया है. GST के तहत कई वस्तुएं छूट प्राप्त करती हैं, जो टैक्स दर से मुक्त होती हैं या उनमें कम टैक्स दर लगती है.
कुछ प्रमुख GST छूट प्राप्त वस्तुएं:
- स्वदेशी उत्पाद: भारत में उत्पादित और प्रसारित स्वदेशी उत्पाद, जैसे कि किसानों द्वारा उत्पादित किसानी उपकरण, कुर्सियां, मिट्टी के बर्तन, खाद्य उपकरण आदि, जिन्हें लोग अपनी स्वदेशी राजभाषा में बनाते हैं, GST से छूट होती हैं.
- छोटे उद्योग: छोटे उद्योग विकसित करने के लिए सरकार ने कई छूट प्रदान की हैं. छोटे उद्योग क्षेत्रों के उत्पादों में छूट शामिल है, जैसे कि रूटी बनाने के लिए आटा, मिट्टी के बर्तन, नमकीन और मिठाई, बिजली के उपकरण, सोलर पैनल आदि.
- बाल श्रम: बच्चे श्रमिकों द्वारा निर्मित वस्तुओं पर GST छूट दी जाती है ताकि इससे बाल श्रम को रोकने और बच्चों के शिक्षा और विकास को प्रोत्साहित किया जा सके.
- खाद्य पदार्थ: खाद्य पदार्थों के कुछ उपकरण और सामग्री पर भी GST छूट प्रदान की जाती है, जैसे कि पीसने वाली मशीन, विभिन्न प्रकार के चाकू, बर्तन और वेजिटेबल कटर.
- धार्मिक और सांस्कृतिक वस्तुएं: कुछ धार्मिक और सांस्कृतिक वस्तुओं पर भी GST छूट दी जाती है, जैसे कि पूजा सामग्री, वैदिक किताबें और धार्मिक आभूषण.
- इन सभी के अलावा शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपकरण और कृषक द्वारा उपयोग किये जाने वाले उपकरण जैसे: फावड़ा, हुकुम, तथा अन्य कृषि उपकरण है.
- कुछ यंत्र जैसे: शास्त्रीय संगीत, वाद्य यंत्र, श्रवण यंत्र और उपकरण है.
यह थे कुछ मुख्य GST छूट प्राप्त वस्तुएं जो विभिन्न व्यक्तियों और उद्योगों को टैक्स के दबाव से राहत प्रदान करती हैं.
जीएसटी के तहत छूट
सामान्य क्रेडिट | अर्थ |
निल-रेटेड | जिन आपूर्तियों पर 0% टैक्स दर है. |
गैर जीएसटी | जीएसटी कानून के दायरे में नहीं आने वाली वस्तु जैसे शराब. |
ज़ीरो-रेटेड | एसईजेड डेवलपर्स को निर्यात आपूर्ति. |
छूट | कर योग्य आपूर्ति जो जीएसटी को आकर्षित नहीं करती है. जैसे; दही, फल आदि. |
जीएसटी (GST) के तहत कुछ छुट प्राप्त सेवाएं :
जीएसटी (GST) के तहत कुछ सेवाएं भी छूट प्राप्त कर सकती हैं, जिनमें कम या शून्य टैक्स दर लागू होती है. ये छूट प्राप्त सेवाएं उन सेवाओं को सूचित करती हैं जो आम व्यापारिक दैनिकता में उपयोगी हो सकती हैं.
- षड़यंत्र (रेस्तरां, होटल आदि) के बाहर खाने की सेवाएं
- विद्या, विद्यार्थी शिक्षा और विद्यार्थी सामग्री पर शिक्षा सेवाएं
- स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल, चिकित्सा परीक्षण, दवाएं आदि)
- कला, संस्कृति, खेल और बाल शिक्षा से संबंधित सेवाएं
- विदेशी राजनयिक और सरकारी सेवाएं
- बैंकिंग सेवाएं जैसे: प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत संचालित मूल बचत बैंक जमा (BSBD) खाता
- जनसंख्या सेवाएं (बर्थ के प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र आदि)
- धार्मिक और सांस्कृतिक सेवाएं (पूजा, धार्मिक जगहों का संचालन आदि)
- बैंकिंग और आयोजन सेवाएं (चेकबुक, खाता खोलना, लोन देना आदि)
- ₹1500 से कम वाले माल परिवहन
- रेलवे टिकट बुकिंग और पर्सनल यात्रा सेवाएं
- विमान यात्रा (विमान टिकट और उससे संबंधित सेवाएं)
स्टार्ट-अप और छोटे कारोबार (MSME) के लिए जीएसटी में छूट:
जो व्यक्ति कारोबार शुरू करने की इच्छुक है उन्हें नवीनतम नियमों के बारे में जाना चाहिए क्योंकि इससे बहुत सारे हो सकते हैं. जैसे:
40 लाख रुपये से कम की एनुअल विक्रय (turnover):
सामान्य श्रेणी के राज्य में , 40 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले सभी कारोबारियों को जीएसटी-छूट कारोबार के रूप में मान्यता प्राप्त है. जैसे किसी व्यापारी का सालाना कारोबार 39,00,000 का होता है तो इस छूट का फायदा नहीं सकता है. लेकिन सेवा क्षेत्र के कारोबार के लिए यह लिमिट 20,00,000 से रखी गई है जो पहले थी.
20 लाख रुपये से कम की एनुअल विक्रय:
यदि आपकी वार्षिक विक्रय 20 लाख रुपये से कम है, तो आप जीएसटी (Goods and Services Tax) के लिए मामूली व्यक्ति के रूप में गिने जाएंगे और आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी.
कंपोजीशन योजना:
- जिन कारोबार का annual aggregate turnover (वार्षिक कुल टर्नओवर) ₹1.5 करोड़ से कम है, वे जीएसटी के तहत कंपोजीशन योजना का लाभ ले सकते हैं. यह योजना कारोबारियों को टर्नओवर राशि के आधार पर एक निश्चित दर पर कर का भुगतान करने की अनुमति देती है. दर 1-6% के बीच भिन्न हो सकती है.
- छोटे कारोबारी जीएसटी के तहत ई-इनवॉइस से छूट प्राप्त कर सकते है. हालांकि, 50 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले कारोबार को अनिवार्य रूप से ई-इनवॉइस के लिए आवेदन करना होगा.
यह उद्देश्य देश की आर्थिक विकास और समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं. जीएसटी छूट के माध्यम से सरकार समाज के विभिन्न वर्गों को समर्थन प्रदान करती है जो सामाजिक न्याय और व्यवसायिक सुविधा के प्रति आवश्यकता हैं.
जीएसटी छूट के प्रतिकूल प्रभाव
जीएसटी छूट के माध्यम से सरकार समाज के विभिन्न वर्गों को समर्थन प्रदान करती है जो सामाजिक न्याय और व्यवसायिक सुविधा के प्रति आवश्यकता हैं. लेकिन वित्त मंत्रालय का मानना है कि GST मे छूट देने से राज्य के वित्त (finance) पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, उद्योगों को नुकसान हो सकता है जिसके परिणाम स्वरूप उपभोक्ताओं को मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ेगा.
जैसे;
- हाल ही में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण मार्ग पर वस्तु एवं सेवा कर में छूट देने से घरेलू उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था.
- जीएसटी में छुट वस्तुओं के आयात को प्रोत्साहित करेंगी, जिसके परिणाम स्वरूप स्थानीय वस्तुओं की तुलना में आयात होने वाली वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी तथा घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचेगा.
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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न: FAQs
जिन व्यवसाय का वार्षिक कारोबार ₹40 लाख से कम है वह व्यवसाय जीएसटी से मुक्त है और जिन व्यवसाय का वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ रुपए से कम है तो वे जीएसटी के तहत एक कंपोजीशन स्कीम (Composition Scheme) का लाभ उठा सकते हैं.
जीएसटी जिन्हें Goods and Services Tax के रूप में जाना जाता है, 2017 जुलाई 1 से भारत में लागू हो गया था. इससे पहले, भारत में अलग-अलग राज्यों में विभिन्न टैक्स आपसी रूप से लगते थे.
अल्कोहल और अस्थाई रूप से पांच पेट्रोलियम उत्पाद जैसे पेट्रोलियम क्रूड, मोटर sprit (पेट्रोल), हाई स्पीड डीजल, प्राकृतिक गैस और विमानन टरबाइन ईंधन को जीएसटी से बाहर रखा गया है.
यदि आपका सामान की आपूर्ति इनकम 40 लाख रूपये तक है और सेवाओं की आपूर्ति इनकम 20 लाख रूपये तक है, तो जीएसटी लागु नही है. यदि इस राशी से अधिक आपका इनकम होता है, तो जीएसटी लागु है.

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