इनपुट टैक्स क्रेडिट व्यवसाय के टैक्स के भार को कम कर देता है. सिर्फ व्यवसाय के ही नहीं बल्कि इससे उपयोगकर्ता या उपभोक्ता भी दुबारा कर देने से बच जाते हैं. लेकिन कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होता है.
जानकारी के लिए बता दे कि इनपुट टैक्स क्रेडिट वह है जो किसी निर्माता या सर्विस प्रोवाइडर को अंतिम आउटपुट पर टैक्स चुकाने के दौरान गुड्स और सर्विस के इनपुट पर टैक्स के भुगतान पर मिलता है. लेकिन कई मामलो में यह उपलब्ध नही होता है. जिसका पूरा विवरण किन स्थितियों में इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होगा के माध्यम से उपलब्ध है.
किन स्थितियों में इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होगा?
ऐसी कई स्थितियां है जहां पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं होता है जैसे:
इनपुट टैक्स का भुगतान व्यक्तिगत द्वारा किया गया हो:
- इनपुट टैक्स क्रेडिट केवल उन करदाताओं को उपलब्ध है, जो केवल जीएसटी के तहत पंजीकृत है. यदि कोई भी व्यक्ति इनपुट टैक्स का भुगतान करता है, तो वह एक व्यक्तिगत व्यक्ति है और वह पंजीकृत करदाता नहीं है, तो उसे आईटीसी का दावा करने की अनुमति नहीं है.
- आईटीसी केवल उन वस्तुओं और सेवाओं पर उपलब्ध है जिनका उपयोग सिर्फ व्यवसाय के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए श्री मनोज साइकिल के निर्माता है. यदि वह एक कार खुद के उपयोग के लिए खरीदते हैं और उस पर इनपुट टैक्स का भुगतान करते हैं, तो इस पर आईटीसी का दावा नहीं कर सकते हैं.
- लेकिन यदि वे इस कार को अपनी व्यवसाय के लिए खरीदते हैं, तो इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं.
जीएसटी के दायरे से बाहर वस्तुओं/सेवाओं पर इनपुट टैक्स का भुगतान:
- जीएसटी के दायरे से बाहर वस्तुओं और सेवाओं पर इनपुट टैक्स का भुगतान आप भले ही करते हैं लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते हैं.
- उदाहरण के लिए साइकिल निर्माता, श्री मनोज ने एक घर खरीदा और इस पर जीएसटी का भुगतान भी किया लेकिन वे आईटीसी का दावा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि घर जीएसटी के दायरे में नहीं आता है.
जीएसटी के दायरे से बाहर सेवाएं/वस्तुएं:
- खाद्य और पेय पदार्थ
- बाहरी कैटरिंग
- सौंदर्य उपचार
- कृषि से संबंधित सेवाएं
- बीमा सेवाएं
- बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
- सार्वजनिक परिवहन सेवाएं
- खेल और मनोरंजन सेवाएं
- मत्स्य उत्पादन
- पशुधन और पशु उत्पाद
- किसानों द्वारा उगाई गई फसलों की बिक्री
- शिक्षा सेवाएं
- स्वास्थ्य सेवाएं
- भूमि और भवन, आदि
इन सभी वस्तुओं और सेवाओं पर आईटीसी का दवा नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह जीएसटी के दायरे से बाहर आते हैं.
जीएसटी कानून के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए क्लेम नही कर सकते
- यदि आप इनपुट टैक्स का भुगतान उन वस्तुओं और सेवाओं पर करते हैं जिन पर आईटीसी का दावा करने के लिए जीएसटी कानून में कोई प्रावधान नहीं है, तो उस वस्तु या सेवा पर आप इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते हैं. उदाहरण के लिए यदि आप एक कार का बीमा करवाते हैं, तो उस पर itc का दावा नहीं कर सकते हैं.
भोजन, पेय पदार्थ, क्लब की सदस्यता आदि पर:
निम्नलिखित वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति भारत सरकार के द्वारा हाल ही में अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट घोषित किया गया है. जैसे:
- पेय पदार्थ और खाद्य पदार्थ
- ब्यूटी सैलून उपचार
- आउटडोर खानपान
- स्वास्थ्य सेवाएं
- प्लास्टिक/कॉस्मेटिक सर्जरी
इन सभी वस्तुओं पर आईटीसी तभी उपलब्ध होता है, जब माल / सेवा की श्रेणी कंपोजिशन स्कीम या मिश्रित आपूर्ति के तहत हो, या सेवा / माल की जावक और आवक आपूर्ति समान हो.
उदाहरण के लिए एबीसी इंटरप्राइजेज के पास अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक नए साल की पार्टी है. पार्टी में परोसे जाने वाले पेय और भोजन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकता हैं क्योंकि धारा 17(5) के अनुसार यह घटना अयोग्य ITC के अंतर्गत आते हैं.
क्लब, फिटनेस और स्वास्थ्य क्लब सदस्यता:
- किसी भी क्लब, फिटनेस और हेल्थ क्लब की सदस्यता लेना भी जीएसटी के तहत अवरुद्ध क्रेडिट के लिए अपात्र हैं.
उदाहरण: सीईओ, श्री राकेश दिल्ली क्लब में क्लब सदस्यता खरीदते हैं और उनकी कंपनी XYZ स्टॉक ब्रोकिंग इसके लिए भुगतान करती है. यहां किसी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकता हैं.
इन सभी के अलावा यदि आपके सामने ऐसी स्थितियां हो जैसे आपका सामान खो गया हो, नष्ट हो गया हो, चोरी हो गया हो, बट्टे खाते में डाल दिया गया हो, उपहार में दे दिया गया हो, मुफ्त नमूने में दे दिया गया हो, या फिर धोखाधड़ी, गलत घोषणा, दमन, हिरासत के कारण, कम भुगतान के कारण, या जब्ती आदि पर आप जीएसटी में आईटीसी का दावा नहीं कर सकते है.
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न/FAQs:
Q. इनपुट टैक्स क्रेडिट कौन ले सकता है?
यदि आप जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड है और उन वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी का भुगतान करते हैं जो व्यवसाय के लिए उपयोग की जाती है और साथ ही साथ आईटीसी के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं.
Q. जीएसटी में किस आईटीसी पर दावा नहीं किया जा सकता है?
यदि आपका सामान खो गया हो, नष्ट हो गया हो, चोरी हो गया हो, बट्टे खाते में डाल दिया गया हो, उपहार में दे दिया गया हो, मुफ्त नमूने में दे दिया गया हो, या फिर धोखाधड़ी, गलत घोषणा, दमन, हिरासत के कारण, कम भुगतान के कारण, या जब्ती आदि पर आप जीएसटी में आईटीसी का दावा नहीं कर सकते है.
Q. बैंक में कितने पैसे जमा करने पर टैक्स लगता है 2024?
सेंट्रल डायरेक्ट टैक्स बोर्ड के अनुसार किसी भी बैंक के लिए एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक की कैश के ब्याज पर टैक्स लगता है. क्योंकि ब्याज को इनकम माना जाता है और यह इनकम टैक्स के दायरे में आ जाता है. ब्याज अगर 10,000 या उससे अधिक आता है तो.
