भारत में जीएसटी, 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 के रूप में अधिनियमित टैक्स 1 जुलाई 2017 को पूरे देश में लागू कर दिया गया. इसे देश में सही ढंग से लागू करने के लिए एक जीएसटी परिषद का गठन भी किया गया था जिसमें कुल 33 सदस्य थे.
भारत में बिजनेस पर लगने वाले सभी प्रकार के Taxes को हटाकर GST लागू कर दिया गया है. इस टैक्स में बिज़नस ओनर को टैक्स की भुगतान करने में बहुत सुविधा प्राप्त होता है. इसके अलावे, उन्हें अलग-अलग टैक्स पेमेंट करने की जरुरत नही पड़ती है. वे एक बार में ही अपने सभी टैक्स GST के माध्यम से भुगतान कर सकते है. इस पोस्ट में जीएसटी कब लागू हुआ की पूरी जानकारी के साथ इसके फायदे क्या है के बारे में भी निचे विस्तार से चर्चा करेंगे.
भारत में जीएसटी कब लागू हुआ?
भारत में जीएसटी की शुरुआत 1 जुलाई 2017 को हुई. यह एक अप्रत्यक्ष कर सिस्टम है जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है. जीएसटी के लागू होने से पहले, भारत में कई अलग-अलग प्रकार के टैक्स लगाए जाते थे, जैसे वैट, सेवा कर, उत्पाद शुल्क, आदि. इस प्रकार के टैक्स का भुगतान करने में देश के व्यापारियों को परेशानी होती थी.
इन सभी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए पहली बार 1999 में प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जीएसटी के लागू करने का विचार दिया था. लेकिन 2016 में, संसद ने जीएसटी अधिनियम पारित किया और 1 जुलाई 2017 को पूरे देश में, एक साथ GST अधिनियम को लागु किया गया.
जीएसटी कब लागू होने के कारण:
जीएसटी लागू होने से कई सारे कारण हैं.
टैक्स सिस्टम को विश्वसनीय बनाना:
- जीएसटी लागू होने से पहले भारत के अलग अलग राज्य में एक वस्तु की अलग अलग टैक्स थी.
- उदाहरण के लिए: एक ही कंपनी की मोबाइल फोन पर अगर यूपी में 12% टैक्स है, तो बिहार में 14% है जिससे लोग यूपी में खरीदना ज्यादा पसंद करते थे, लेकिन अब समान है.
टैक्स के प्रतिशत में समानता:
- जीएसटी के आने से विभिन्न प्रकार की करों के प्रतिशतो में समांतर आई है, जिससे उत्पादों की मूल्य में उतार-चढ़ाव कम हुआ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिला है.
- जैसे एक ही कंपनी के मोबाइल फोन का प्राइस जो यूपी में होगा वही पूरे भारत में होगा. अर्थात जो एक राज्य में होगा वह पूरे देश में होगा.
टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता की आवश्यकता:
- उपभोक्ताओं को सामान और सेवाओं पर लगने वाले करो कि विवरण प्रदान की जाती है. यह पारदर्शिता बढाता है और कर सिस्टम को अधिक विश्वसनीय बनाता है.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार:
- पहले अलग-अलग राज्यों के कर सिस्टम के कारण समान की परिवहन में कई प्रकार की मुश्किलें आती थी. लेकिन जीएसटी के बाद एक ही कर दर की सिस्टम की वजह वस्तु की एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट आसान हुई है.
जीएसटी लागू होने के फायदे:
- जीएसटी लागू होने के कई सारे फायदे हुए जैसे:
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय के द्वारा ट्वीट किया गया कि जीएसटी के क्रियान्वयन बहुत करदाताओं के लिए कर कानून का पालन करना आसान बना दिया है. यह बात इस तथ्य से पता चलती है कि जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाता की संख्या 1 अप्रैल 2018 तक 1.03 करोड़ थी जो बढ़कर 1 अप्रैल 2023 तक 1.36 करोड़ हो गई.
जीएसटी लागू होने का नुकसान:
जिस प्रकार से हर चीजों में अच्छाइयां और बुराइयां होती है इस प्रकार से जीएसटी लागू होने की कुछ नुकसान भी है. जी निम्न प्रकार है
टैक्स में वृद्धि:
- जीएसटी के आने से पहले कुछ वस्तु और सेवाओं पर विभिन्न कर लगते थे जैसे VAT, उत्पाद शुल्क, सेवा कर आदि. लेकिन जीएसटी के बाद, एक ही कर लगता है अगर कोई विशिष्ट आइटम पर ज्यादा कर लग रहा है. तो उसकी कीमत बढ़ सकती है.
- उदाहरण के लिए, अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर पहले वात+उत्पाद शुल्क लगता था लेकिन अब सिर्फ जीएसटी लग रहा है तो उसे आइटम की कीमत बढ़ सकती है.
- जीएसटी के लिए नियमित रूप से रिटर्न फाइल करना और जटिल पेपर वर्क पूरा करना आवश्यक है. छोटे व्यवसाय के लिए यह पालन प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है, खासकर अगर उनके पास संसाधन और मानव संसाधन कम हो.
- कुछ क्षेत्रों में जीएसटी के प्रभाव से मूल्य में वृद्धि हुई है. जैसे श्रेष्ठ वस्तु और सेवाओं पर अधिक जीएसटी दर लगती है, जिससे इनका खर्च बढ़ गया है इससे क्षेत्र की बिक्री पर भी असर पड़ता है.
Related Post:
जीएसटी कब लागू हुआ से जुड़े प्रश्न: FAQs
भारत में जीएसटी की शुरुआत 1 जुलाई 2017 को हुई थी. इससे पहले भारत में विभिन्न राज्यों में अलग-अलग कर प्रणाली थे जिनका परिणाम स्वरूप वस्त्र, सेवाएं और अन्य वस्तुएं पर अलग-अलग कर लगाया जाता था. जीएसटी के अनुसार यह सभी करो को एक ही स्थिति में लाने का प्रयास किया गया है.
भारत में जीएसटी की आवश्यकता उस समय की विविध कर प्रणालियों के कारण थी, जिससे टैक्स कलेक्शन में समस्याएं थी. जीएसटी ने टैक्स प्रणाली को संगठित बनाया. व्यापारिक प्रक्रिया में सुधार किया और करो कि संचयन प्रक्रिया को सरल बनाया. इस संकलन में विस्तारित एकीकरण हुआ और व्यापारिक प्रक्रिया में सुधार हुआ.
भारत में जीएसटी को 1 जुलाई 2017 को प्रारंभ किया गया था. इससे पहले, भारत में विभिन्न राज्य में अलग-अलग कर प्रणालियों थी जो जीएसटी के आने से समाप्त होगी१ और कहानी संजीत टैक्सी लागू किया संयुक्त टैक्स प्रणाली लागू की गई.

This is Siya Prajapati, a taxation expert and author. She knows all about taxes. Her articles are easy to understand, breaking down complex tax topics for everyone. Besides taxes, she loves hiking, reading, and learning about different cultures.
Get ready to gain valuable insights into taxation and financial matters with her.