भारत में पहले कई प्रकार के कर व्यवस्था थी, जो देश, राज्य और व्यापारियों के लिए जटिलताएं पैदा करती थीं. इनके अंतर्गत लिए जाने वाले कई दस्तावेजों को पूरा करने में व्यापारियों को बहुत समय और धन खर्च करने पड़ते थे. GST के लागू होने से व्यापारियों को एक सरल और एकीकृत कर सिस्टम मिल गया है.
अब वस्तुओं और सेवाओं पर केवल एक ही कर लगता है जो केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित किया जाता है. इससे व्यापारियों को टैक्स से संबंधित कई प्रमाणपत्रों (अर्थात् अलग-अलग कर की समस्या) जैसे कि केंद्रीय बिक्री कर (सीजीएसटी), राज्य बिक्री कर (एसजीएसटी) आदि की चिंता नहीं होती है. इस पोस्ट जानेंगे की GST कितने प्रकार के होते हैं और इसका महत्व क्या होता है.
GST कितने प्रकार के होते हैं?
GST को चार प्रकार में विभाजित किया गया हैं
- केंद्र सरकार देश में खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर CGST कर लगाती है,
- राज्य सरकारें अपने राज्य में खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर SGST कर लगाती हैं,
- केंद्र शासित प्रदेशों में खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर UTGST कर लगती हैं,
- एक राज्य से दूसरे राज्य में होने वाली वस्तुओं और सेवाओं के लिए IGST कर का उपयोग होता है.
इस प्रकार से जीएसटी चार भागों में विभाजित है, जिससे विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय बना रहता है और देश को स्थायी विकास की दिशा में प्रोत्साहित करता है.
तो अब इसे हम उदाहरण के माध्यम से और आसान तरीके से समझेंगे जैसे:
मान लीजिए, एक सूटकेस है जिसकी कंपनी गुजरात में हैं. सूटकेस का दाम मान लेते हैं ₹5000 है. जिस पर जीएसटी दर 28% (₹1400) है.
1. सीजीएसटी (CGST):
सीजीएसटी का फुल फॉर्म केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (Central Goods and Services Tax) है. CGST केंद्र सरकार के द्वारा बिक्री के दौरान लगाया जाने वाला कर है. इस के माध्यम से केंद्र सरकार कर जमा करती है. इस
उदाहरण में, सूटकेस पर जीएसटी रेट 28 % है जिसमें से केंद्र सरकार का कर (CGST) 14 % (₹700) होगा.
2. स्टेट जीएसटी (SGST):
एसजीएसटी का फुल फॉर्म राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State Goods and Services Tax) है. SGST राज्य सरकारों द्वारा माल या वस्तु की बिक्री के दौरान लगाए जाने वाला कर है. एसजीएसटी राज्य सरकार के द्वारा तब लागू होती है जब राज्य में बनाई गई वस्तु उसी राज्य में ही उपयोग की जाती हैं.
उदाहरण के तौर पर, गुजरात में बनी यह सूटकेस गुजरात में ही बेची जाती है. जिस पर जीएसटी रेट 28 परसेंट है जिसका 14 परसेंट (₹700) गुजरात सरकार को जाएगा.
3. यूटीजीएसटी (UTGST):
UTGST का फुल फॉर्म केंद्र शासित प्रदेश वस्तु और सेवा कर (Unnion Territories Goods and Services Tax) है. यह कर संघ शासित प्रदेशों के लिए लगाए जाने वाला कर है जो SGST की तरह ही है.
उदाहरण के तौर पर, यदि सूटकेस कंपनी गुजरात से ना होकर संघ/केंद्र शासित प्रदेश दादर और नागर हवेली से है और वह सूटकेस दादर और नागर हवेली में ही बेची जाती है तो इसके 28% जीएसटी का 14% (₹700) UTGST के रूप में संघ शासित प्रदेश दादर और नागर हवेली सरकार की होगी.
4. आई जी एस टी (IGST) :
IGST का फुल फॉर्म एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (Integrated Goods and Services Tax) है.यह कर वस्तुओं और सेवाओं के इंटरस्टेट (राज्यों के बीच) बिक्री पर लगाए जाने वाला कर है. इसे केंद्रीय सरकार द्वारा कलेक्ट किया जाता है. इसमें GST का अर्धांश उस राज्य को जाता जहां पर वस्तु उपयोग की जाती है यानी आखरी बार बेची जाती है. आईजीएसटी द्वारा वस्तुओं और सेवाओं को विभिन्न राज्यों में बेचने वाले व्यापारियों को फायदा होता है.
इस उदाहरण में, गुजरात की सूटकेस को महाराष्ट्रा मैं बेचा जाता है तो केंद्र सरकार 28 परसेंट जीएसटी ले लेगी फिर इसका अर्थ 14 परसेंट (₹700) महाराष्ट्र को दे देगी.
इससे यह फायदा होता है महाराष्ट्र को कर मिल जाएगा और गुजरात को रोजगार. आईजीएसटी द्वारा वस्तुओं और सेवाओं को विभिन्न राज्यों में बेचने वाले व्यापारियों को फायदा होता है.
शरांश:
GST को लागू होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद है. इसके द्वारा अर्थव्यवस्था में सुधार होने, वित्तीय व्यवस्था में सुविधा होने और बिजनेस वातावरण में सुधार होने की उम्मीद है. यह व्यापारियों के लिए भी बड़ी सुविधा है क्योंकि वे अब एक ही टैक्स सिस्टम के तहत अपने व्यापार को संचालित कर सकते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न राज्यों के अलग-अलग कर नियमों से निपटने की चिंता नहीं होती है.
GST के लागू होने से भारत के व्यापारिक संक्षेप में यह एक “एक देश, एक टैक्स” सिस्टम बन गया है, जो राज्य सीमाओं के पार सूचालित होता है.
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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न: FAQs
जीएसटी रिटर्न एक टैक्स रिटर्न है जिसे व्यापारियों और कंपनियों को नियमित अंतराल पर भरना पड़ता है.इसमें व्यक्ति या व्यवसायकर्ता अपने बिक्री, पुर्चेज, और अन्य वित्तीय विवरणों को रिपोर्ट करता है, जिससे उन्हें उनकी वस्तुओं और सेवाओं पर लगाने वाले जीएसटी का पता चलता है.
भारत में वर्तमान में केवल एक जीएसटी (Goods and Services Tax) है. जीएसटी 1 जुलाई 2017 को भारत में लागू किया गया था और यह भारत सरकार द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर लागू किया गया एक मुख्य टैक्स है.
जीएसटी (Goods and Services Tax) का पहला देश फ्रांस था। फ्रांस ने 1954 में जीएसटी को लागू किया था, जिसे “टैक्स अन वैल्यू जोड़ने का प्रणाली” (Taxe sur la valeur ajoutée) के रूप में जाना जाता है. इस प्रणाली के अनुसार, वस्तुओं और सेवाओं पर एकीकृत टैक्स के रूप में जीएसटी लागू किया गया था.

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