जीएसटी (GST) का उद्देश्य एक देश एक टैक्स हैं. जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है. अप्रत्यक्ष कर खरीद बिक्री पर लगाया जाने वाला टैक्स है. ऐसे 17 टैक्स है, जिनको मर्ज कर दिया गया और इनके स्थान पर GST लाया गया. जैसे:
- सीमा शुल्क कर Custom Duty Tax
- सेवा कर Service Tax
- उत्पाद शुल्क कर Excise Duty Tax
- वैट Value Added Tax
- बिक्री कर Sales Tax (etc)
व्यापारी, मैन्युफैक्चरर और सर्विस प्रदाता को जीएसटी चुकाना होता है. तो जो लोग बिजनेस करना चाहते है और बिल्कुल नए हैं. उनके लिए जानना बहुत जरूरी हो जाता है, कि जीएसटी नंबर प्राप्त करने में कितना खर्च आता है? जीएसटी नंबर कैसे प्राप्त किया जाता है?
आज के इस आर्टिकल में जीएसटी नंबर प्राप्त करने में कितना खर्च आता है? उसके लिए क्या डॉक्यूमेंट चाहिए? जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी कौन पेमेंट कैसे किया जाता है आदि की पूरी जानकारी इस पोस्ट में उपलब्ध है.
जीएसटी नंबर क्या होता है?
जीएसटी नंबर एक 15 अंक की एक संख्या होती है, जिसे (Goods & Services Tax Identification Number) GSTIN भी कहते है. GST Portal पर रजिस्ट्रेशन करने पर यह नंबर (Goods & Services Tax Network) GSTN के द्वारा प्रदान किया जाता है.
15 अंक में आगे का दो अक्षर राज्य के (State Code) होते है कि किस राज्य से बिजनेस हो रहा है, लास्ट के 3 अक्षर एक यूनिक कोड होता है और बीच का 10 अंक पैन कार्ड नम्बर होता है.
जीएसटी नंबर उन लोगो को लेना जरूरी होता है, जो लोग बिजनेसमैन, सर्विस प्रोवाइडर या मैन्युफैक्चरर है, और उनका कुल टर्नओवर तय सीमा 40 लाख तक या उससे अधिक है.
GST नंबर लेने में कितना खर्च आता है?
जीएसटी नंबर प्राप्त करने में कोई भी खर्च नहीं आता है. जीएसटी नंबर प्राप्त करने के लिए जीएसटी पोर्टल www.gst.gov.in पर सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है, जिसके लिए जीएसटी पोर्टल के द्वारा कोई भी फीस नहीं चार्ज किया जाता है और न ही किसी प्रकार का ऑनलाइन पेमेंट किया जाता है. यह रजिस्ट्रेशन यदि करदाता स्वयं करता है, तो किसी भी फीस की जरूरत नही है
लेकिन करदाता जीएसटी की रजिस्ट्रेशन की एप्लीकेशन दाखिल करने के लिए जीएसटी सुविधा केंद्र, किसी प्रोफेशनल, सीए या दूसरे व्यक्ति से रजिस्ट्रेशन करवाता है, तो वह व्यक्ति अपने लिए कुछ फीस ले सकता है. सामान्य रूप से 1,000 रुपए में रजिस्ट्रेशन हो जाता है. कभी कभी कुछ लोग इससे अधिक ले लेते है. इसके अतिरिक्त डिजिटल सिग्नेचर, रेंट एग्रीमेंट आदि बनवाने का भी खर्च देना पड़ता है.
जीएसटी पोर्टल या जीएसटी विभाग द्वारा जीएसटी रजिस्ट्रेशन की फीस नहीं ली जाती हैं. यह पूरी तरह से निशुल्क है.
जीएसटी रजिस्ट्रेशन कितने दिन में हो जाता है?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 7 दिनों की है. इससे अधिक भी हो सकती है. यह निर्भर करता है व्यक्ति के द्वारा दी गई दस्तावेज की सही जानकारी और राज्य के नियमों पर. यदि आपके रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन को आधार नंबर से वेरिफाई किया गया है, तो आपकी रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 7 दिन की है.
यदि आपके रजिस्ट्रेशन का एप्लीकेशन आधार नंबर से वेरिफाई नहीं हैं, तो इसकी समय सीमा 30 दिन की हो जाती है. क्योंकि जीएसटी अधिकारी एप्लीकेशन की व्यापार स्थल की जांच करने के बाद ही एजिस्ट्रेशन देता है.
GST कौन देता है?/GST Kaun deta hai?
रजिस्ट्रेशन के बाद निम्न प्रकार के कारोबारी जीएसटी प्रदान करते है.
- वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति करने वाले व्यवसाय.
- एक राज्य से दूसरे राज्य में चाहे जितने का व्यापार करने पर जीएसटी देना होता है.
- ऑनलाइन व्यापार करने पर भी जीएसटी देना होता है.
कुछ व्यवसायों को जीएसटी से छूट दी जाती है, जैसे कि छोटे व्यवसाय जिनका कुल कारोबार निर्धारित राशि से कम होता है.
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जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस सम्बंधित प्रश्न: FAQs
जीएसटी नंबर रजिस्ट्रेशन करने के 3 से 6 दिन के अंदर मिल जाता है. कुछ स्थिति में इससे अधिक भी लग सकता है. यह दस्तावेज की सही जानकारी, आधार कार्ड का वेरिफिकेशन और जीएसटी विभाग में कार्यभार पर निर्भर करता है.
जीएसटी लेने के लिए निम्न डॉक्यूमेंट चाहिए;
● आधार कार्ड
● पैन कार्ड
● पासपोर्ट साइज फोटो
● प्रमोटरों के एड्रेस
● आईडी प्रूफ
● बैंक डिटेल्स
● रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
● डिजिटल सिग्नेचर
● व्यवसाय का नाम
● व्यवसाय का प्रकार
● व्यवसाय के शुरुआत की तिथि
● व्यवसाय का वार्षिक कारोबार
यदि आप खुद से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करते है, तो किसी भी प्रकार की खर्च देने की जरूरत नहीं हैं. लेकिन किसी सीए, प्रोफेशनल या दूसरे व्यक्ति से रजिस्ट्रेशन करवाने पर सामान्य रूप से 1000 रुपए में रजिस्ट्रेशन हो जाता है. कभी कभी कुछ लोग इससे अधिक भी ले लेते है.
सरकार द्वारा जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी प्रकार की कोई शुल्क नही लिया जाता है. लेकिन जो लोग आपके रजिस्ट्रेशन में लगे होते है, उनका फीस एवं डाक्यूमेंट्स बनाने का चार्ज लगता है, जिसमे लगभग 1 हजार रूपये का खर्ज लगता है. इससे अधिक या कम भी हो सकता है.

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